बाबरे बीज | BAVARE BEEJ

BAVARE BEEJ  by पुस्तक समूह - Pustak Samuhविशाखा चंचानी - VISHAKHA CHANCHAANI

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विशाखा चंचानी - VISHAKHA CHANCHAANI

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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कहते हैं दूर पहाड़ियों से, घनी झाडियों से, झरनो, नदी नालों से, बहते यह बीज आए हैं। चिजियों के घोंसलों से, म्षकों के मौसों से, पत्थर के पोलों से, उड़ते फिरते हवाओं में बरसते, बीज ने पाए हैं।




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