माइकल फैराडे | MICHAEL FARADAY
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutPustak Samuh
Add Infomation AboutVANDANA MALHOTRA
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
954 KB
कुल पष्ठ :
24
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक समूह - Pustak Samuh
No Information available about पुस्तक समूह - Pustak Samuh
वन्दना मल्होत्रा - VANDANA MALHOTRA
No Information available about वन्दना मल्होत्रा - VANDANA MALHOTRA
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)युवती से विवाह कर लिया उसके पिता सैन्डीमैनियन
चर्च के सबसे बड़े फादर थे और इसी चर्च का माइकल
/ खा, हि या #। ४ अनुयायी थे। वह रोजाना इस चर्च में जाते थे। यह
हा जीत त प्र श ल कक, 10 कहा जाता हे कि माइकल के जीवन के दो ही आधार
आम 2 प्र 3 के है का 2 ५ है थे -- उसका विज्ञान से लगाव व साराह से प्यार । उसी
ताज की ५ साल में माइकल एक विद्युत की तार को चुम्बक के
खंभे के चारों ओर घुमाने में समर्थ हो गए । उन्होंने
गौर किया कि बेटरी को उनही दिशा में लगा कर जब
विद्युत की दिशा उलटा दी जाती तो विद्युत तार भी
उल्टी दिशा में ही घूमना शुरू कर देता है। फेराडे ने
मोटर के मूल सिद्धान्त की खोज भी की ।
॥॥)२
। |
॥
2 मु:
5 औ पर
+ व ४1 1.
7200 श !
५8
हा, रा ही] . हा
है 4 9.2 (४
ह * >ह फ
>्ञ 771 6/
दा 1
के ; रा |
|] | (; [॥ ह
1४ 1! की,
'जै/ 2
/ अित-म
220 रा!
६३ रह ध्दा.
| | श || है
12८ 2]
है ही 1
17)
पेठ
User Reviews
No Reviews | Add Yours...