अल्बर्ट श्वाईटजर | ALBERT SWEITZER

ALBERT SWEITZER  by अरविन्द गुप्ता - Arvind Guptaस्पेंसर - SPENCER

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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“पर क्‍या वो मेरी बात समझेगी?” उसने पूछा. रैनार्ड हँसा, “नहीं,” उसने कहा. “वो समझेगी कि तुम पागल हो और फिर वो दुबारा तुमसे कभी बात भी नहीं करेगी.” में इस बात को उससे छिपाकर नहीं रख सकता हूँ.” अल्बर्ट ने कहा. “मुझे उसे बताना ही होगा.” इससे पहले कि अल्बर्ट दूसरों के प्रति अपने जीवन को समर्पित करने की बात, हेलेन को बताता, उसे हेलेन के बारे में एक आश्चर्यजनक बात पता चली. त बहुत सौभाग्यशाली हूँ,” हेलेन ने एक दिन उससे कहा, “मेरी सेहत जद है, और परिवार भेल्रा है, और मैं काफी होशियार हूँ. मैं अपने उपहारों को दूसरों के साथ बाँटना चाहती हूँ. इसलिए जब में पच्चीस साल की होऊंगी तब में खुद को, लोगों की सेवा में समर्पित करूंगी. उसके लिए में नर्सिंग की पढ़ाई करूंगी.”




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