भगवान बुध्द - जीवन और दर्शन | BHAGWAN BUDDH - JEEVAN AUR DARSHAN
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutDharmanand Kosambi
Add Infomation AboutPustak Samuh
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
7 MB
कुल पष्ठ :
352
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
धर्मानन्द कोसम्बी - Dharmanand Kosambi
No Information available about धर्मानन्द कोसम्बी - Dharmanand Kosambi
पुस्तक समूह - Pustak Samuh
No Information available about पुस्तक समूह - Pustak Samuh
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मूमिकापालिज्वाइ मय में तिपरिटक (ब्रिपिटक) नाम का नो प्रस्थन्गगुदाय प्रमुख
है, उतठके तीन भेद हैं--सुत्तव्रिटका, विनयरिटका और क्षमिप्ररमपिटक! ।
'मृत्तपिदक! में प्रधानवया दुद्ध और इनझे श््यरत्रिष्यों के दवदर्गों का गंग्रड है ।
दितवदिदश” में मिश्लुओं के आचरण द सम्वस्ध में दुद्ध द्वारा बताये गए गिमगो,
इनक दताने के छारमों, समद-समप्र पर इदसे सियये गए वरियर्तगों और उसकी
टोश्शों का संग्रह है 1 ऋमिप्रस्परिटिक में दाद अध्याय है | उनमें युद के उपदेशहदावे बडे दिमाग हैं। 6वटिक्ाय! में भौंडीर दृढ़
सजा ट्र दर्द अप अर्य ही दशद (टरुते) 1 12!ट्र ट्रआर्ट हे दिःवलिशार! अडते है 1हे रब
User Reviews
No Reviews | Add Yours...