सम्राट और पतंग | SAMRAT AUR PATANG
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
31
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)करें मेरी पतंग हवा में ऊपर उड़े
वो ऊंचे स्वग तक पहुंचे.
जिससे सम्राट पंखों पर उड़ें.
छुटकी राजकमारी ने सन््यासी का शुक्रिया अदा करने की सोची. पर
फिर वो रुकी. उसे गीत कुछ अलग लगा. इस बार उसके शब्द कुछ
अलग थे. “रुका!” उसने सन््यासी को पुकारा. पर तब तक सनन््यासी वहा
से आगे जा चुका था. आखिरकार वो एक सन््यासी था और उसे सांसारिक
चीज़ों से कुछ ख़ास लेना-देना नहीं था.
तब छुटकी राजकुमारी को एहसास हुआ कि सन््यासी ने उसे गीत के
ज़रिए कोई ज़रूरी सन्देश पहुँचाया था. तब जाकर उसे सन््यासी की बात
समझ में आइ.
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