मीठे का शौकीन मुचकुंद | MUCHKUND AND HIS SWEET TOOTH

MUCHKUND AND HIS SWEET TOOTH by अरविन्द गुप्ता - Arvind Guptaमाधव गाडगिल - MADHAV GADGILमाया रामास्वामी - MAYA RAMASWAMI

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माधव गाडगिल - MADHAV GADGIL

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माया रामास्वामी - MAYA RAMASWAMI

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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बड़े यत्न के बाद जाम्बवन ने सभी को मना ही लिया। उसने समझाया कि समय बदल चुका है। ऊँचे पेड़ और मधुमक्खियों के छत्ते नष्ट होते जा रहे हैं और इसलिए थोड़ा संयम रखना अच्छा ही होगा। पर सबसे ज़्यादा उधम मचाने वाले भालू, वाली ने अंत तक अपना तर्क जारी रखा और कहा, “आपको जो अच्छा लगे, कीजिये। मधुमक्खियों के छत्ते पर झपटना एक भालू का स्वाभाविक कार्य है और मैं उसे कभी भी नहीं छोड़ूँगा।'




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