ना झुकने वाली इमोजिनी | NA JHUKNE VALI IMOGINI

NA JHUKNE VALI IMOGINI by अरविन्द गुप्ता - Arvind Guptaकैंडेस - CANDACE

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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अंत में मिस्टर तुत्त्लविट अपनी दुकान से बाहर निकले. “अपने घोड़े की लगाम कसो, छोटी लड़की. क्या तुम्हें पता नहीं कि अगर जूतों के फीतों की फैक्ट्री लगेगी तो हमारा शहर, राज्य के नक़्शे पर चमकेगा?” इमोजिनी ने अपने घोड़े के डंडे को खींचा. “थिओडोर रूज़वेल्ट के अमर शब्दों में, बाल्डरडाश?” फिर वो पैर पटकती हुई पिताजी के पास घर पहुंची न्‍ह




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