फैज़ अहमद फैज़ की कविताएँ -भाग 3 | POEMS OF FAIZ AHMED FAIZ- PART 3
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
100 KB
कुल पष्ठ :
21
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फैज़ अहमद फैज़ - FAIZ AHMED FAIZ
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)अलीम भी हैं ख़बीर भी हैंसुनो कि हम बेज़बान-ओ-बेकसबशीर भी हैं नज़ीर भी हैंहर इक उलुल अम्र को सदा दोकि अपनी फ़र्दे-अमल सँभालेउठेगा जब जम्मे सर फ़रोशाँपड़ेंगे दार-ओ-रसन के लाले, कोई न होगा कि जो बचा ले
जज़ा सज़ा सब यहीं पे होगी, यहीं अज़ाब-ओ-सवाब होगा
यहीं से उटड्जेगा शोरे-महशर, यहीं पे रोज़े-हिसाब होगाफ़िलिस्तीनी बच्चे के लिए लोरीमत रो बच्चेरो-रो के अभीतेरी अम्मी की आँख लगी है
मत रो बच्चेकुछ ही पहलेतेरे अब्बा नेअपने गम से रुख़सत ली है
मत रो बच्चेतेरा भाईअपने ख़्वाब की तितली के पीछे
दूर कहीं परदेस गया हैमत रो बच्चेतेरी बाजी काडोला पराए देस गया हैमत रो बच्चेतेरे आँगन मेंमुर्दा सूरज नहला के गए हैं
चंद्रमा दफ़्ना के गए हैंमत रो बच्चेअम्मी, अब्बा, बाजी, भाई
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