फूल और पत्थर | Fool Aur Patthar

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Fool Aur Patthar by कृष्णचन्द्र - Krishnachandra

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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. हमारा सकल ट६ माँ हमें गोद में उठा लेती है । जब दम घर जाते हैं हमारी माँ हमसे बहुत प्यार करती है | चोथा बच्चा--तुम्हारा घर कहाँ हे पाँचवाँ बच्ा--मालाबार हिल पर | [ एक क़हक़द्दा लगता है । सभी बच्चे हँसते हैं। ] सास्टर--चुप-चुप श्रागे पढ़ो 1 ( जल्दी-जरुदी पढ़ाता है ) माँ-बच्चे को गोद में लिये बेठी है । बच्चा श्रैगूठा चूत रहा है । बाप भंग घोट रहा है| न सलीय--( खड़ा दोकर )--मास्टर जी एक सवाल है । मास्टर--सलीम ठम श्रपने बेहूदे सवालों के लिए. पिछले साल फेल हो चुके हो बैठ जाश्रो आगे पढ़ो । डॉग गा गा सलीम--मास्टर जी एक सवाल हे । पिछुल़े-सुल मैंने हु बीफिः हुक्का पी रहा है । इस साल वह मंगखोटनरंदा हे वरता कक ? तीसरा बचा--श्रबे बुद्दू किताब बदल गई है ना श्राजादी से पदले व हुक्का पीता था श्रब मंग घोटता है । चौथा बच्चा--श्रगले साल चरस पियेगा । मास्टर--नह्दीं बच्चो यह इसलिए बदला गया है कि मुसलमान हुक्का पीते हैं हिन्दू मंग घोटते हैं । तीसरा बच्चा--मेरा बाप तो मुतलमान नहीं है फिर वह हुक्का क्यों. पीता हे नचोथा बच्चा--शऔर मेरा बाप चार मीनार के सिगरेट पीता है । वह भी तो तम्बाकू है | मास्टर जी इसमें होना चाहिए कि बाप चार मीनार के सिगरेट पी रहा है । दूसरा--महीं मेरा बाप बीड़ी पीता है । इसमें होना चाहिए बाप बीड़ी पीता है। पहुला--मेरा बाप तो गाँजा पीता है । सलीप--ुइमारा बाप अफीम खाता है।




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