शतपथब्राह्मण | Shatpath Bramhan Hindivigyanbhashye

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Shatpath Bramhan Hindivigyanbhashye by मोतीलाल शर्मा भारद्वाज - Motilal Sharma Bhardwaj

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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आर्यताइणम कै शा ३पपतजादयय 9 विज्ञानभाष्ययदष्टो रुत्व 5उपर्ते गृब्न कनीय 5भाज्य गृध्त्याथमुवेत- दर्पारिंमिततरं भूया ७ से झब्बैस्तमवीगमवलीया७्स करोति तस्मादुत ग़जापारां विश प्रावस्तायाप्येकवेश्मनेड जिनाति तलथ्या लत्कामयते ठया सचत 5एतेनो द तद्धार्यिण यज्जुड्डीं भूय 5श्राज्य गृगति स यज्ञ गृशाते इद्देव तम्जदोति युदुपधाति गृढ।/ति इंबेव तज्जुहोति ॥१४॥तदाहु । क॒स्मा 5 तह्शुपडनति गृर्थयाद्यपदुप४ता न जुद्दोतीति स यद्धोपइता जुद्दुयात श्यम्प्रेवेमा! प्रजा र॒न्तें- वात्ता स्पान्याथ स्पादय यत्तन्डद्वैग समानीय जुद्दौति ठ॒स्मा दिमा व्विश ज्त्रियाय वलि० हरन्त्यथ यदुप्नति ग़रशति तस्मादु चद्नियस्थेव व्वशे सति व्वैश्य पशव 5&ः्पतिह्नन्तेष्य यत्तज्द्वेव धमानाय जुहोति तस्माग्च॒दयोत ज्त्रिय कांग्रय- ते5पाह ब्वेश्यमपि ये पग्ने निडित॑ तदाहरेति ते जिनाति लग्या तक्कामयते तथा सचत 5एतेनों ह ठद्गीयेंश॥१५॥ठाने वा5एतानि । हुन्दोम्प अभाज्यानि गृश्चन्ते स यच्र्जु्ं गृशति गायज्ये तदग्रृणत्यय यवष्टो स्व 5उप थे गृसाते भिष्वजगतीर्म्यां तदग्रृधत्यथ यथ्देश्वायां सृधत्यनुएमे तद गृभाते व्वाखा 5श्रननष्यू वाचो वा हदकसर्व प्रभबानि तस्मादु घुवाया 5पव सर्वो यज्ञ प्रभवतीय॑ व्या ४




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