चौसठ रूसी कविताएँ | Chausat Rusi Kavitayan

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Book Image : चौसठ रूसी कविताएँ  - Chausat Rusi Kavitayan
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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न्द्न्छ कण >>ब्यी 8छआयओा३०श्र २३ र४ड १५ २६ १७ श्ज १६ २० श्र श्र श्रबच्चन की झ्य रचनाएँचार खेमे चासठ सूरे रदर नए पुराने भरोसे (निबप सम्रह) !६२ तिभणिमा ६१कवियों में सोम्य संत (१त काव्य समाज) १६०ओोउलो (अनुवाद) १५६ बुद्ध श्रीर नाचपर ५८ जन गाता (अनुवार) ?४८ आरता ओर अगारे १५८ मैंकबेय (अजुवाद) !५७ थार के इधर उबर १५७ प्रणय पत्रिका १४५५मिलन यामिन। १५०खादी के फूल ४८सुत को माला १४८बंगाल का काल *४६ इलाइल ?४६सत्तरगिना *४५आवुल अतर 7४३एकात एगात ? 8जिशा उिमउण ?ह८ मधुकलश 7३७सधुबाला ?३६अधुशाला १३५२४ सैयाम की मधुशाला (झनुवाद) २३५ २५ उमर खैयाम को रुवाइयों (अ०) *५& २६ ठेरा द्वार (प्रारभिक रचनाएँ? मे सम्मिलित) १३२ २०५ आरमिक रचनाएँ भाग कविताएँ ४३ रन प्राएभिकरचनाएँ भागर कविताएं ४३ २६ प्रार॒मिक रचनाएँ भागशकद्ानियों ४६ ३० नेध्रू. राजनोतिक जीवन चरित (अनुवाद) ?६१ ३१ बच्चनकेसाथ कणभर (सचयन) १३१४ ३२ सोपाय (सकलन) १४५३ ३३ आउनिक कवि (७) बच्चन (प्कलन) ६१ उ४ भात्र के लोकप्रिय हिंदों कवि सुमित्रानदन पत (मपादित) १६० ३५ आज के लोकप्रिय दिदी कवि बच्यन (चद्र॒ग॒ुप्त विद्यालकार द्वारा रूपादत) ६० + सधुशालाः का अग्नेश्नी (५०) और बंगाल का काल? का बंगला (४5) अनुवाद भा प्रकाशित दो चुका दे । रचनाओं के साथ प्रथम प्रदाशन तिवि का सकेत दै |




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