भाषा तत्त्व दीपिका | Bhasha Tattv Deepika

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Bhasha Tattv Deepika by हरिगोपालोपाध्याय - Harigopalodhyay

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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( 5१9 ) कह ३ पाठ लिंगविचार ॥ _ अ्र० लिंगकिमे कहतेहें ? उठ०. लिंग चिह्ठ का कहतेहें श्रथोौत्र सजीव,चा निर्णाव, पदार्थ, परुषवाचक ' बा स्वीवाचकह्े यहफ्हचाननेकाधिह ४ अ० लिंगकितनेहें ॥ / . ठ० पूल्निंग और स्व्रोलिड्ू ये दो लिट्ठुहें, नपृंसकलिड् तीसरा अन्यमा- पामें आताहे, हिन्दीमापामें नहींआता ॥ ०' पूृल्लिड् ओर स्त्री लिड्र किसे कहतेहें ? ड० जिसनाममे पुरुपत्दका वोधहोय उसे युज्नि है; जैसा घोड़ा, _ गधा, गाढ़ा, सांटा, इत्यादि ॥ ४, बम नाममें स्व्वीत्वकावोंधट्दीय वह,स्व्रीलिड्र; जेसा घोड़ी, भेंस, खाट, ' झृपा, गाड़ी, घड़ी इत्याठि ॥ * : भ्र०. आणिवाचक पद्दार्थीकालिइ्रमेद शीघ्रमममम आता हे, परअप्रा णिवा- चक्र पदार्थाकालिड्र क्रिमरीतिम सममनाचाहिये ? ४ छ0 लिट्डक्ानिगयतों वहुतक्ठिनहे, परन्तु इमविप्यमें कुछ नियम लिख- 'लाहूँ ॥ ः | ॥१॥ संघ्कृतमें जोशब्द प्ल्लिज्ञ ओर नपु|सकलिडुदें बंहिंदीमें वहुधा' 'पूल्निडृहोत्िदें णेमा सागर, रत्न, जल, मुज्; रत ओर जल और मुख संस्कृतमें नप॑सकलिडीडें । जे शब्द संस्कृतमें स्व्रीलिंगहें वे हिन्दीमें मीमाय: स्त्रीलिंग द्वातेष्टें जेसा हा, माया, गति, वृद्धि इत्यादि ॥ ः 0 २॥ अकारांत नाम लिसका उपान॒त्यवण ते न होय और आकारांत - नाम प्राय पल्निड्नहें; सा बिछू, पत्थर, बेल, घोड़ा, लड़का, कपड़ा, इ० ॥ | . जिनणव्दोंके अन्तमें * वा त छोवें वे आय:स्त्री लिड्डें, परन्तु घी; पानी; जी, दही इत्यादि शब्द छोड़कर; जेंसा घोड़ी, ठोपे, कुरसी, ड॒वे ली, रात, बात, इत्यादि ॥ न ::. ॥४-॥' / लिप नामकषेअन्तरमें आवट बा आहट गअत्ययहों वह सदास्द्वी लिट्ठजानों; जेसा ,सजावढ, बनावट, घबराहट इत्यादि ॥




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