जातकपालि | Jatakapali

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Jatakapali   by भिक्खु जगदीसकस्सपो - Bhikkhu Jagdish Kashyap

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about भिक्खु जगदीसकस्सपो - Bhikkhu Jagdish Kashyap

Add Infomation AboutBhikkhu Jagdish Kashyap

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
एज्हाह 831, एएछऋए/360छ पुपल बब्णागड णी फठ एाण्रलंड 15 इगाला्ोए तांडर्जल्व एज ह6 फल्याटड णी 16 चरणव गाए पहल ग्रांटफालशांणा5 ण 16 ए768४5, 1 छ९ जांडरी ६० उड०ठापका। शान 16 णिएावेटा$ णी हल्का 7९॥1९981075 प्बपष्ठी।, ज९ 12ए6 10 8०६ छब०ं: 10 016 णगांह्ठागशे 8007068. कषततांडय दर थी 18 णिग्राड छु०९४ 94०८ 10 16 कि गाते (रटा- गरहु 00 फए6 उेपववाब,. गाल फट 8पशालतप्रद8 एा३०0४०० 9ए पंया पर श &(क्रंग्रव्व द्याडातशाएरबा। शुएए०कवं 10 16 साप्र॥एद्वत9, 116 एब्र1, 0. ध6 50पधाथय 8०1००), गोड छह गीइलाशंप०९ गाते ०0गरए8४भंणा 409 45 #6घ्वा5 करीश'ः रिछ द्रॉशिएगटा। ए छाहुगञशापाला॥। 15 116 ध्पा10- गए 0० प्राढ 1शैह्वाइएद्ठा19, 16 5 शाह: का पार एल इणा००ण, प्रफ्ठ जलांष्राॉ०0प5 चुपद इएगरहु$ 0णा 2 ०णाइलं0प्श्ाट5५ 0 ना ग्राफफलाहदिट्यंणा बाते डपीदयंएए ० पर एणा0,. 6 वुएट४४०058 जायंणा छणर्यट्व 1०5६0 1 प6 वधिंदगा उछढ्क ण मरंड गीडि तांडपफ थी पजतितहु ग्रा्1, “शा ४ 18 ? शाए ज्रात्णेत 3 पंर6 ? जाए झाण्णत 1 (0 भाएायाड ? 15 पाल गाए गराल्ययातह गे) गटि पान एश्ा। 0एलटणाल रल्जपबज दल्थी। 2? पमणिदाए ब्याग्रारते पएए ४16 छफेणेह पागल फ कैंड 2689 शल्य श्र छा०8 ५: 776 जाणर पट ्ी गाए छोडि गाव गे ण खरगापिंयत 55 तद्व,! फ्0ज़ एश्या 7९ 96 5चए९व ० धार छ0कतए 0० थांड वेल्वता 2 एंड 1 पा6 छाया ० ्द्रांह[णा, परशल 8प्र4त18 ६०९४ 8परलिफाहु 0 इलाज तल्झाएट,. $परर्िंाह 158 पाढ #685प्री६ 0 पलाझंणा 96णन्‍्ला 3 वसा कलशापलेड व्ालापध॑दों गफपॉड९ 10 7 ६0 प्रा: छा व10 पीर ट्ल्याए९ ती धार प्रगॉएटाइट जाते 18 छडल्यंश तरएलातवदारल ० पढ 768४६ ण॑ दाटकवंका,.. दा्णंगट 8 पा जोंएं जा धार शतीसंतपदों (0 प्राढ ढाब्छतए८ 970०९ ४... फ्रट ग्रावॉजंतपन यंत्र इलाज वल्माड 9९०णरारड पए९ शै३ए९ ० पार एरएटइट, एढ८क्ा 0एथर०्ग्राल 8णीव्याए ०ए 1 छल एल पंत ठ॑ एुज्ञव ण धापीन्व, 70 ८लाए६ ६0 86६ एंव 0 इपरिदियागह़ परप्0पष्ठीा। 016 एथप्रं0प्रड चंट्शंटटड € इलॉजितलण्व्फ़ुपंठा 45 1०0 [0 ०९७९ 10 अपर फपा (0 इ्वीटा' ग1 & प्ीटाला। एक: >शिार डै0वफकार लिए्रपरौबलड धार टांड्रा1-गित फल्का। जी गरागणोए जागंगा प्रटीएड ए६ ६० लएंप्रदा० इलंफिं। तरांफर बाते 0एलटग्राल इच्पीधि-




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now