महात्मा गान्धी | Mahatma Gandhi

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
164
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)दृश्य] पहुणा पद्धू [११रहाई?
मोहमदशास पसीना पीना !
बेदपा पाप भपने हाथ में लिये सूमास स प्रपना पसीना पाछ्ठरहे हू भौर यह भी महीं मालूम कि शावकों पसीगा प्रारहा हैविश्या का पुम प्रट्टटास। रह सोहनदास के झोर मिकट
डहु शपना हाथ उनकी दु्दशो में सगा उसका मुफ्त ऊंचा करतो
है। सोहनदास बुछ भिम्दककर पीछे हट जाते हू। |
चेध्या (बुछ फीमकर) प्ररे बस प्रादमी हवा तुम ?[प्रद्य वेश्या सोहनशस के ससे में प्लपनो भुगा डालना
इआहती है। पे प्रोर प्रपिष्ठ सिम्जश्र झोर पीछे हटते हू । ]
चेश्पप (प्रौर फोशकर) मने को जिन्दगी में एमा भ्रादभी नहींदा । चल निवस्त यहाँ स[मोहमदाप दा छो पता से प्रस्पान1]छपु पदनिका
User Reviews
No Reviews | Add Yours...