महात्मा गान्धी | Mahatma Gandhi

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Mahatma Gandhi  by गोविन्ददास - Govinddas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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दृश्य] पहुणा पद्धू [११ रहाई? मोहमदशास पसीना पीना ! बेदपा पाप भपने हाथ में लिये सूमास स प्रपना पसीना पाछ्ठ रहे हू भौर यह भी महीं मालूम कि शावकों पसीगा प्रा रहा है विश्या का पुम प्रट्टटास। रह सोहनदास के झोर मिकट डहु शपना हाथ उनकी दु्दशो में सगा उसका मुफ्त ऊंचा करतो है। सोहनदास बुछ भिम्दककर पीछे हट जाते हू। | चेध्या (बुछ फीमकर) प्ररे बस प्रादमी हवा तुम ? [प्रद्य वेश्या सोहनशस के ससे में प्लपनो भुगा डालना इआहती है। पे प्रोर प्रपिष्ठ सिम्जश्र झोर पीछे हटते हू । ] चेश्पप (प्रौर फोशकर) मने को जिन्दगी में एमा भ्रादभी नहीं दा । चल निवस्त यहाँ स [मोहमदाप दा छो पता से प्रस्पान1] छपु पदनिका




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