श्रीराम चरितमानस | Shriram charitmanas

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Shriram charitmanas by गोस्वामी तुलसीदास - Gosvami Tulaseedas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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| औहरिः ॥ ४5 य्‌ 2 विंपय-सर्ची | पृष्ठ-संस्या विपय पृए-संख्या १--मन्नेलाचरण - ७३९ | १ए-युद्धारम्भ *** -- ७७८ हद २--नल-नीलद्वाण पुल बाँधना; ” ओरामजीद्वारा भीरामेश्वरकी !.. स्थापना ब्रा ३--शभीरामजीका सेनासहित समुद्र पार उतरना, सुवेल्पर्वतपर निवास, रावणकी व्याकुछता ४--रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावग-प्रदक्त-संवाद ले ५--सुबेलपर ओ्रीरामजीकी झाँक़ी और चन्द्रोदयंवर्णन ६--भीरामजीके बाणसे रावणके मुकुट-छत्नादिकां गिरना ७--मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना ओर भीरामकी महिमा कहना ** ८--अज्ञदजीका लक्का जाना और रावणकी समभामें अज्ञद-रावण- संवाद ह** ७५५ ९--रावणको पुनः मन्दोदरीका समझानां “* ४] ७७३ ०-अज्जद-राम-संवाद ** ७७५ सु० स० ले० ४७३-- ७४१ ७४३ ७४९ 1 ७५१ छ५२ १२-माल्यवानका रावणकों समझाना ७८४ १३-लक्ष्मण-मेघनाद-युद्ध, छक्ष्मण- जीको शक्ति छूगना * ७८६ १४-हनुमानजीका सुषेण वेद्यको लाना एवं सजल्नलीवनीके लिये जाना) कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार ७९० १५-मरतजीके वाणसे हनुमानका मूर्च्छित होना, भरत-हनुमान- सवाद * * १६-भ्रीरामजीकी प्रढाप-छीला, हनुमानजीका छोटना; लक्ष्मण- जीका उठ बैठना * ७९४ १७-रावणका कुम्भकर्णको जगाना; कुम्भकर्णका रावणको उपदेश . और विभीषण-कुम्मकर्ण-संवाद ७९६ १८-कुम्भकर्ण-बुद्ध और उसकी परमगति *** **' ७९८ १९-मेघनादका युद्ध, शरामजीका लीलछासे नागपाशमें बैधना *** ८०६ २०-मेघनाद-यज्ञ-विध्वंस, युद्ध और मेघनाद-उद्धार *** ८०९ ++१० ७९२




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