संस्कृत - हिन्दी - इंगलिश कोष | Sanskrit - Hindi - English Kosh

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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अतिछच्छू8 अति #भ्रअतिकूच्छु न० घत्युग्र पीड़ा शयवा व्रत; माइणातीग्रढाए एथा1, 80 फं1भ'ए एथ1व10८,अतिक्रम पुं० तिक्रमण, उल्द्न, सोमा को लांघ जाना, गुजर जाना ; 8०ाह्ठ 0ए९०, प्रध्ाउह/८5आ०1, इढां. 01 0एटा- डंल्एजांगर ० 0ए2००गांग8, 19756 (16).अतिक्रमण दे० 'अतिक्रम-अतिक्रान्त ( /क्रम ) वि० पार किया गया, लांघा गया, तोड़ा गया $ [0285560, 8016 9८ए०7०, (747587८5५६०.अतिक्र्‌ वि० धत्तत्त क्रूर | श्थाए दापदो,अतियध [ गृप्‌ ] ६० वहुत लालच ; ९४०८४आं९९ हए८९ते,अतिगुप्त वि० बहुत सुरक्षित; ४ण] टप्थ्ाव८त,अतिग्रह पुं० ( अतिक्रम्य ग्रह: ) दूसरों को पीछे छोड़ देना; ०ए८कपागए, 5एा००४४॥९- तु० वृत्ततो5त्तिगृहमते -- अन्या- नतिक्रम्य वृत्तेन गृहाते-अतिघोर वि० जलनन्‍्त भयावह ; श्षाए थथ्य०1९.अतिचार ( *चर्‌ ) उलदन, मज्न ; धःका188768४०॥, ४1018- घं०ा,अतिचिर न्म्‌ क्रिवि० बहुत देर ; 100 1078. -स्प क्रिवि० वहुत देर के लिये; 0ि 8 ए०/ए 1णाए पर,सत्तिजरठ वि० बहुत्त बूढ़ा; श्थए ०10.अतिजव पु० बहुत वेग (हवा जेसी तेजी) ; ०४पथ्या९1थंव1ए.अत्तिजात वि० विशिष्ट गुणों के साथ उत्पन्न ; ०णण शांति 8एएढापे0० गधा 5,अत्तितराम्‌ क्रिवि० बत्यन्त, बहुत्त ; ७४०८९८१ंएह्ठाए, एथए गाए, तु० “नितराम 'सुतराम.अतितानव [ -तनु-] न० बहुत पतलापन 3 ९४०८४अंए८ वलव11९४५.अतित्तारिनु 1४१] जि० पार ले जानेवाला; ००॥ए८शाशएट्र 28017053,अतितृष्ण वि० धत्यन्त प्यासा ; ५5०८८०)ंगछ्ठीए धरा.अतिथि ( /बत्‌ ) पुं० मेहमान ; 80०४६.अतिथिसत्कार पुं० पाहुने को थावमगत ; 11059102109 (०७ श्‌ण८३४,भतिदज्ञ वि० बहुत चतुर ; ४०७०४ टोल्एलण,अतिदयित वि० धत्यधिक प्रिय ; ४८०७ 10एथ)०1८.अतिदर्ष पुं० बहुत्त ँ्रमिमान ; ८२०८४आंए९ ०णाटलॉ.अतिदु्घ थ॑ ( 4/धृष्‌ ) वि० मुश्किल से पास जाने योग्य, मुश्किल से जीतने योग्य ; 100 तांग्रि्ण॑६ 40 2ए#०8०७, एल-ए ग्र्चाते (0 ९००णापुप८*,अतिदुर्मंतस्‌ वि० चत्यन्त खित्त ; एटएए तदुंट०८८त.अत्तिदुवृत्त वि० थत्यन्त खोटे आचरण याला, मुरे बरताव वाला ; कण्प्ष्काएौर परणःटत, एलए ए9ब्ताए 7लावए८१.जअतिदुष्कर वि० बस्यन्त कठिन ; ०<०८८८०।ढ्ठांए ठताग0०६,अतिवुःसह॒ वि० कषत्यन्त कठिनाई से सद्या जाने योग्य, भसहनीग ३ जए्टापए वरजत 10 7९57,अतिनिद्र वि० वहुत नींद वाला; 87ए०1 ६0 ९६८८5४४० शै८८ए,अतिनिबिड (०7 -वि-) वि० बहुत घना, गुंजान, कठोर ; शाप पर16:, 0९15९, 11810.अंतिनिभृत -म्‌ क्रिवि० अत्यन्त चुपचाप, सुपकेन्चुपके; ध्यंती घागा08ा 86८7/८€०५७.अतिनिधु ण वि० धत्यन्त बेदर्द ; आ108०116 [गंती655,अतिनिष्णात वि० ध्त्यन्त प्रवीण $ एथाए ०फ़ुथांथाए्ते,अतिनुशंस वि० घत्यन्त क्र $ श्थण् दापदो,अतिपत्ति ( /पदू ) जी० वीत जाना, न हो पाना; 18080 0 एग्राढ 07 4०००३.अतिपात पुं० श्षतिपत्ति, मारना, हिंसा ; 180४० (र्ण 0716), पं. तु० आगातिपात 74 य; प्राणमतिपातयति, धप० 18. 13.अतिपातयति निषेध करता है, पीटता है; 97०७5, 0८४8.अतिपातिन्‌ पि० थेग में कत्यन्त तेज, बहुत तेज ( भागते या उदड़नेवाला ), जरूरी, शीघ्र, विकाशक रोग $ ४८३ पृथ॑ंणंप ब्व्याड के ऋष्टत (ग्र वीग्रोह ण पणाएंगड़), घा8८॥६ ( तु० “बतिपाति कार्यमिदम', प० 2. 9. 393 ) <8031 015९85८,अतिपिशुत्त वि? धत्यन्त घोच्दा था चुगलखोर $ भथा/ 0860.अतिपूर पुं० प्रवल प्रवाद $ हए८्४ 10७.अतिपीरुष वि० धत्यन्त दिलेर ; रपटागरलांए पाशाए,अतिप्रचण्ड वि० धत्यन्त दारण ; ऋफथालेए एलीथाला,अतिप्रवन्ध पुं० लगातार, सतत, धनवरुद्ध प्रयक्त; ०५७5०।८४3, प्रगंपालाएपए८९ 07 ०६०८४अंए८ ९गि०7६. तु० 'भतिप्रबन्ध- प्रदहितालवृष्टिमि:', रघु० 3. 58.अतिप्रमनस्‌ वि० अत्यन्त उभरे हुए मन वाला, भरत्यन्त प्रततत्न एथ'ए 8190. ।अतिप्रमाण वि० मारी-मरकम ; रण पापों अं:८.अति “प्र वुत्त्‌ ( कतिप्रवर्तते ) अतिक्रमण करके प्रवृत्त दोना था कोई काम करना ;$ 10 26६ 8818: 16 19807061073 (हए०म 99 पार टाटा):अतिप्रसक्ति स्नी० मुरी त्रद्द लगी लत $ 100 8708६ 2प010-« धं०ए0. ेअतिप्रसड्ः पुँ घावश्यकता से अधिक प्रयोग; (00 ७४०९८ ए/- ९101.अतिप्रकृत वि० धत्यन्त सामान्य, अपढ़ ; श्टाए एगरागशा, 1116९7-६(८.अतिप्रौदयोवन वि० मरपूर थौवन बाला ; 19 ४1० फ़गा० ० ए०घाणा. !अतिबन्ध पु० मारी जरूरत या तंगी $ पगरा०0५४ एाह्ु७1०१-अतिवल वि० बहुत बलवान्‌ू ; श्णाए 5घणाए ०7 ए०फद्ाणि-अतिभार पुं० षधिक वोम ; %०65र्शअएट 7पातेटा-अति */म्‌ ( क्रतिमवति -भूत ) कतिक्रमण करना ३ 10 50775,व्ड्ट्टा,




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