मीरा महाकाव्य | Meera Mahakavya

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
244
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)प्रधम सर्मेंदे घुनत राससविलास-खान
काट्ू मारी जब पप्चदीन
छक्ित पुछझारती डाई दान
देयनीयासी देश उसझा या चीर
दुपाथत का छत सधुर छार
कर लिया वदिदुर छा पान नारप्रमारिसशमस. मांग पशु घाम
राधा के साथ सदा छलताम
सापतद भा के सभी कामपत्त प्रतिपणबडे कर या मे अदा अपार
मन हा मन में धइई पारयार
मातसिझ/ रिमिल. एस्तापकरपी कशठीसीर्ना खाझ्ो रे साइय हाय!
चुत्री प्र रण््ना भमर शाप
थट कामस बलि नतननथम माषबर-ददा
इसता शाता थी शाण्माध्न
मौरों विग्मिश ढ़ कप्ान्प्रतथ
शप्पराग हुषआ साता था मन
+ सिलनमर
पर एा महात फिन्स सुख्दर
सरीधश आधन बह क्षपार
डशदी दुअरदिम रु. मर बरब्म्शर्शीज्शै-
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