धरती ने दिये है बीज | Dharati Ne Diye Hain Beej

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
630 KB
कुल पष्ठ :
100
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मैं चाहता हूँ
उन्हे सर पर बैठाना |
मै चाहता हूँ
उन्हे बेतहाशा दीडाना ।
लेकिन बच्चे चुप हैं ।
मैं पूछता हूँ
आसान सवाल
दो दूनी हे
और बच्चे चुप हैं ।
मैं सोचता हूँ
वे बोले
मौसम के बारे मे
लेकिन बच्चे चुप हैं
मैं चाहता हू,
वे जाने जरूर
कम से कम अपने राष्ट्रपति को
अपने प्रधानमत्री के बारे मे
वे कुछ तो बोले ।
पर बच्चे चुप हैं ।
बच्चो की इरा खौफनाक-चुप्पी से
मैं घबराया हैं,
और
बच्चे चुगी। ६
User Reviews
No Reviews | Add Yours...