जीववृत्ति विज्ञान | Jeevvritti Vigyan

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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२६ जीवृव॒त्ति-विज्ञानछोटे मस्तिष्क और बड़े मस्तिष्क के बीच में मध्य-मस्तिष्क होता है ।मध्य-मस्तिपष्क मुख्यतः एक तरफ़ मज्जाद॑ डमूललमध्य-मस्तिष्क ओर छोटे मस्तिप्फ और दूसरी तरफ़ छोटे मस्तिष्क के बीच में मध्यम का काम करता है।फिर बड़ा मस्तिष्क होता है। यह सब से ऊँचा ओर सब से श्रेष्ठमज्जाकेंदर है । इस की सहायता के बिना न हमें ज्ञानबड़ा मस्तिष्क प्राप्त हो सकता है, न सुख-दुःख का अनुभव होसकता हैं, न किसी काम करने की इच्छा हो सकतीहै। यदि बड़ा मस्तिप्क काम न करे ता हम साच समर नहीं सकते ।बड़े मस्तिप्क का ऊपरी भाग, मस्तिष्क-शिरोवेष्ठन, चंतना का साधन है ।यदि मस्तिष्क-शिरोवेष्टन क्षण भर के लिए भी काम करना बंद कर दे, तोहम बेहोश हो जाते हैं, अचेत गिर पड़ते हैं। यदि यह काम करता रहे तो कुछ न कुछ चेतना अवश्य बनी रहती हैं ।




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