गृह - व्यवस्था एवं गृह - कला | Grah Viyavastha And Grah Kala

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Grah Viyavastha And Grah Kala by जी. पी. शैरी - G. P. Shairi

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about जी. पी. शैरी - G. P. Shairi

Add Infomation AboutG. P. Shairi

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
(७ ] भाग घर और सुसज्जा अध्याय १८ कला के तत्त्व कला के तत्व २७३ बनावट का उपयोग २७६ नमूना २७७ प्रकाश २७७ स्थान २७८ डिजायन के सिद्धान्त २७८ समानुपात २७४ माप रप० सम्तुलन र८० वल २८४ लग २८४ आवृत्ति २८६ मनुरूपता २८६ स्वत शान परीक्षा प्रण्न २८८ 1 थे अध्याय १९ थी सुसज्जा के सिद्धान्त सौन्दर्य २६० अभिव्यजकता २६० कार्यात्मकता २९२ स्वत ज्ञान परीक्षा प्रश्न है ४३1 अध्याय २० युह में रंग-सपोजन कमरे के लिए रंगन्योजना के कारक २६६ सुसम्जा की बस्तुओ पर अधिकार २६७ स्वतः ज्ञान परीक्षा प्रश्न डे ०५ । अध्याय २१ गृह सुसज्जा के उपसाधन अभिव्यजकता ०१ रेखा एवं रूप ३०१ रंग रे०है उप- साधनों के प्रकार ३०१ सौन्दर्यात्मक मार्मिकत्ता ३० ३े विपय वस्तु की मार्मिकता ३०३ चित्र तथा व्यक्तित्व ०४ चित्रों का मढवाना ३०५ पशु पश्नी आदि ३० उपसाधनों की स्थापना रे०€ सजावट के अन्य साधन ३०६ स्वत ज्ञान परीक्षा प्रश्न ३१२ । अध्याय ररे फर्नोचर सिन्न भिघ प्रकार की लकड़ी का २१३ बेंत का ३१३ गददेदार ३१३ फीलादी फर्नीचर ३१४ पुराना फर्नीचर ३१४ नया फर्नीचर खरीदना रे१५ घन को टप्टि से मितब्ययता र७१-रप८ र८ ५-२६ २६ ४-३०१४ डे०६नर१२ रेरेनरेरश




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now