श्री गिरीश पिंगल | Shri Girish Pingal

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Shri Girish Pingal by गिरवर सहाय पांडे - Girvar Sahay Pande

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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[१७] वर्णाकी संख्या जानकर बिना प्रस्तार किये रूपॉकी संख्या जानना पह़िल़े वर्णाकी संख्या तक एक आदि गिनती के अक लिखों और इसके उपयंत पह़िले १ के अंक के ऊपर २ लिखदों फिर शेष अकोंमिं से प्रत्येक के ऊपर उससे पूव के अंकके ऊपर लिखेहुए अंक का दूना 1लखते जाओ तो सबसे पिछड़े अकके ऊपर भदोकी संख्या होगी ॥ निरस्त छाखत उदाहरणमप ६ वणक सदकि। सख्याका देखा मेदॉकी संख्या २ ४ ८ १६ ३२ ६४ एफआदिअक १ ९ ३ ४ ५. ६ ॥ उ्छिके विषयमें ॥ मात्रोदिष्ट ॥ ज्ञात रूपकों स्थापितंकर लघुके केवल ऊपरी आर छुड़के ऊपर ओर नोचे दोनों १ २ ३ ५ ८. १३ आादे (एक आर दोका छाड़ शेप मत्येक अपने




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