अनेकता में | एकताAnekataa Me Ekataa

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Add Infomation AboutParashuram Prasad
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3.72 MB
कुल पष्ठ :
126
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भौगोलिक एकता की कहानी , न
श्रासेतु दिमांचल
' जद
शुक्िया के मानचित्र पर इष्टि डालिए । महान हिमालय
पर्वत से दक्षिस टेढ़ा-मेढ़ा चार भुजावाला भारतवर्ष फ़ेला. दिखाई
यड़ेगा । “चतुःसंस्थान संस्थितमु” का उल्लेख ,प्राचीव भौभोलिकों
ने भी किया है । पश्चिम मैं सुलेमान शभ्ौर किरधार की पवत-
श्र शियाँ इस प्रायद्वीप को ईरान कीं ऊंची भरुमि से श्रलग करती
हैं। पूर्व में झ्रासाम की पदकोई और . लुद्ाई तथा चरटगाँवर की
. पहाड़ियों ने इसे इराबदी की .जंगली घाटी से विभक्त कर दिया हैं 1
दक्षिण में वीन ओर से वंग, भ्रब और हिन्द महासागर इसे घेरे
कि दर क
न कक कम पे
के कर हर कि ँीक थक दा की,
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