आंख का अचूक इलाज | Ankh Ka Achuk Elaj

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Ankh Ka Achuk Elaj by महेन्द्रनाथ पाण्डेय - Mahendranath Pandey

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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परिचय पर तक भोजन-पफल और सलाद-शुरू किया और घोरे पीरे बिलकुल अच्छे हो गये । उन्होंने भी श्ाँसों पर एक स्वक लिखी है जिनका नाम है. बेदर साइट विदाउट लासेज़ ( चिना चश्मे के पहले से अच्छी नष्टि ) । पाठकों को दम यह घता देना चादते हैं कि डाक्टर वेट्स १ जो दपाय ्माँएों को माराम पहुँचाने के लिए वताये हैं इनमें से बहुत से तरीकों का वर्णन पुरानी सैद्यक की केतातं में मिलता है । इन्हें हमें अपनाना दो चाहिए । दस हिन्दुस्तानियों में श्पनी चीज़ों के पहचानने का मादा भी -ुलामी के कारण--शेप नहीं रहा । हम पनी चीज को अपनाने को तथ तक तैयार नहीं होते जव सऊ उनके सदी दोने की छाप कोई विदेशी उन पर न लगा दे । रस डाक्टर वेद्स को उनके परिश्रम के लिए घन्यवाद देते हैं लिन्दोन अपने झथक परिश्रम से श्ाँसो को प्राकृतिक चिकित्सापद्धति का आ्थिष्कार करके लाखा फरोडों श्राँख के रोगियों को लाभ पहुँचाया । डाक्टर हे के सिद्धान्त सत्य हैं और श्यायुर्वेद से बहुत कुछ मिलते हैं इसलिए यह हम अपना कर्तच्य सममते हूँ कि लोगों तक उन सिद्धान्त को पहुँचायें जिसमें लोग डिप्रीधारी चैज्ञानिक ढाक्टरों के चक्र से झपने को बचा सकें । इस चिकित्सा विधि तथा ायुर्वेदीय चिकित्सा विधि का वणन हम यथास्थान करेंगे र येट्स के तरीके से शी पाठकों का परिचय करायंगे ्रगले अध्याय में इम माँखों की घनाचट का चर्णन करना प्याइदते ह् 1




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