भारतवर्ष का भूगोल | Bharatvars Ka Bhugol
श्रेणी : भूगोल / Geography

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Add Infomation AboutPrakash Chand Agarwal
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
10.85 MB
कुल पष्ठ :
352
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( ६ )कम है। इसका कारण रचाई है । देखिये ८०० की तापरेखा ने
कितना मोड़ खाया दै। इसका कारण समुद्र की निकटता है ।
पश्चिम की ओर समुद्रतटीय सैदान में समुद्री हबाएं वर्षा करती हैं
ब्औौर तापसान कम कर. देती हें (हवाओं के विषय में आप झागे
पढ़ेंगे) परन्तु मद्रास के तट पर तापसान आंधक है । इसका कारण
यदद है कि यहाँ दवाएँ समुद्र की ओर से न आकर पश्चिम से भूमि
की ओर से आती हैं और सूखी होती हैं । देखिये न्रह्मा के चीचो-
बीच से सी एक हिस्सा झधिक गरम है। यह भाग पहाड़ों से घिरा
होने के कारण समुद्र के प्रभाव से वंचित रहता हैजनवरी में दशा--जनवरी के मद्दीने में सूये मकर रेखा परकपपा |!) 1
(0 ही 7] पं111 | । थीही]।नडू--उ-अ॥।दि कक |पद 2. 1किन सैहध०्घर उठबब्पच्न्य्डभारतवर्ष---जनवरी का तापक्रम
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