धर्म शिक्षा | Dharm shiksha

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutLaxmidhar Vajpeyi
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
10.87 MB
कुल पष्ठ :
308
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about लक्ष्मीधर वाजपेयी - Laxmidhar Vajpeyi
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( १३ )
मेरे सामने नहीं श्रा सके । श्रतएव श्रशुद्धियां बहुत सी रह
गई हैं, जिनका मुझे दुःख है । झागामी आवृत्ति में “अच्छी
तरह संशोधन किया जायगा |)
' “घर्मशिक्षा” का प्रचार जलता में उत्तरो्तर बढ़ता रहे,
' यहाँ भगवनान् से प्रार्थना है ।
कलकत्ता... ..... ”. ताक्ष्मोधर वाजऐयी
माघ शुवल ७ सं० १६१६७ चि०
आठवीं आवृत्ति
घर्गम शिक्षा की झाठवीं '्ावत्ति बड़ी कठिनाई में निकल -
रही है | युद्ध के कारण कागज शोर छपाई का दास इतना बढ़
- ' गया है कि मजबूर होकर पुस्तक का मल बढ़ाना पड़ा । आशा
है. परिस्थितियों पर ध्यान रखकर धर्मशिक्षा के पाठकगण .
अवश्य मा करेंगे ।
सोसदेव वाजपेयी
(प्रकाशक)
न्री-आदृचि '.
“घर्मशिक्षा” की नवीं- ावत्सि 'बहुत ही विपरीत समय
इमें निकालनी पड़ी है । कागज का भाव अभी भी वैसा हो
है । इस बार हमें मजबूर होकर जरा मेला कागज लगाना
पढ़ रद्दा है वर्योंकि हमें जो सरकार देगी वही हम इस्तेमाल
''+ करेंगे। आशा है कि--'घर्म शिद्ा” के प्रेमी पाठक इस जुटि .
के लिये भ्रमा करेंगे ओर पुस्तक को प्रेम से 'पनायेंगे ।
प्रकाशक. '
१-१-४६
User Reviews
No Reviews | Add Yours...