जायसी ग्रंथावली | Jaysi Granthawali

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
283.05 MB
कुल पष्ठ :
910
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)छा. जिद जद रे थी. ५ ही अत ७ जी चै..धरि .# रच दर फिदद लि कब अं अ भी ज्ञान था । उनकी भाषा में आत्ंकारिकता ठीक उसी प्रकार की सिलती है जैसी कि तुलसी सूर बिहारी शादि की रचनाओं में । पदमावत एस० ए० के छात्रों का पाश्य-प्रन्थ भीं है अतः प्रयास किया गया है कि जायसी की शेली का भी विवेचन अथ के साथ-साथ होता जाय भर उसमें प्राप्त अलंकारों का भी निर्देश होता जाय । डाक्टर विमलकुमार जेन जायसी के विशेषज्ञ हूं । उन्होंने समय- समय पर टीका के सम्बन्ध में सहत्वपूण॑ परामशे दिये हैं और एक छात्रोपयोगी भूमिका लिखी है । स्वकाये में व्यस्त रहते हुए सी ड।० जैन ने अपसे सहयोग द्वारा हमारे उत्साह को बढ़ाया दे इसके लिए में इसका परम शाभारी हू | रीगल बुक डिपो दिल्ली द्वारा सटीक-जायसी-ग्रम्थावली क॑ प्रकाशन का प्रयास प्रशंसनीय कहा जायेगा । छपाई या टीका सम्बन्धी सभी प्रकार की झालाोषचचनाओं का स्वागत होगा श्रौर आगामी संस्करण में छावश्यक संशोधन कर दिया जायेगा दिल्ली कालेज दिल्ली विश्वविद्यालय ४ मनमोहन गोतम ८ माचं १६४४
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