महावीर मेरी दृष्टी में | Mahavir Meri Diristi Me

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : महावीर मेरी दृष्टी में  - Mahavir  Meri  Diristi  Me
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

आचार्य श्री रजनीश ( ओशो ) - Acharya Shri Rajneesh (OSHO)

ओशो (मूल नाम रजनीश) (जन्मतः चंद्र मोहन जैन, ११ दिसम्बर १९३१ - १९ जनवरी १९९०), जिन्हें क्रमशः भगवान श्री रजनीश, ओशो रजनीश, या केवल रजनीश के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय विचारक, धर्मगुरु और रजनीश आंदोलन के प्रणेता-नेता थे। अपने संपूर्ण जीवनकाल में आचार्य रजनीश को एक विवादास्पद रहस्यदर्शी, गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में देखा गया। वे धार्मिक रूढ़िवादिता के बहुत कठोर आलोचक थे, जिसकी वजह से वह बहुत ही जल्दी विवादित हो गए और ताउम्र विवादित ही रहे। १९६० के दशक में उन्होंने पूरे भारत में एक सार्वजनिक वक्ता के रूप में यात्रा की और वे समाजवाद, महात्मा गाँधी, और हिंदू धार्मिक रूढ़िवाद के प्रखर आलो

Read More About Acharya Shri Rajneesh (OSHO)

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
( हर ) सत्य की अभिव्यक्ति के उपकरण खोजने की साधनाप्रदनोसरसाहस, विवेक, जागरणकरुखा का रूपजगत की सत्यता श्ौर श्रसत्यता का विचार भ्रनुशूति प्रौर श्रभिव्यक्ति की दिशाम्रो में भेदचतुर्थ प्रवचनझभिव्यव्ति के उपायों की खोजप्रश्नोतरप्रनेकान्तवाद (सापेक्षतावाद)साम्प्रदायिकता का विरोधमहाब्रत श्रौर अणुब्रतदर्शन, ज्ञान, चरित्रविविध योनिया श्रौर मोक्षमहावीर से सम्पकं स्थापित करने की सम्भावनापंचम प्रवचनमहावीर से सम्पर्क स्थापित करने का मार्ग श्रावक शब्द का अर्थश्रावक बनते की कलाप्रतिक्रमणसामायिकघष्ठ प्रवचन सामार्धिक की व्याख्याप्रद्नोततरनेतिकता श्रौर नतिक साहस पाखण्डी ब्रह्मचयं श्रौर सही अह्माचयं कामोपभोग का सम्यक्‌ प्रकार दैमिक प्रक्रिया में /तत जागरण१६१६३ पहै रहे १९२७१ श्र र्८६२७श्रदे देशे० द्रव पेन ६




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now