अपराध - चिकित्सा | Apradh - Chikitsa

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Apradh - Chikitsa by भगवान् दास केला - Bhagwan Das Kela

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about भगवानदास केला - Bhagwandas Kela

Add Infomation AboutBhagwandas Kela

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
सूमिका नल कै न श्रीयुतत भगवानदास जी केला की लिखी हुई सभी पुस्तकें झत्यन्त शिक्षाप्रद और सार-गर्भित हैं। अपनी इन रचनाध्यों द्वारा केलाजी ने दिन्दी साहित्य श्र देश दोनों की सच्ची सेवा की है; श्र, इस काये के सम्पादन के लिए पिछले बीस बष से कठिन तपस्या का जीवन व्यतीत किया है। 'झाचाये मद्दाबीर- प्रसाद द्विवेदी ने केला जी के इस काम को “विशेष उपयोगी” बतलाते हुए बिल्कुल सच लिखा था कि 'स्वराज्य चाददने वालों में कितने दी शास्त्री, पंडित कौर झाचाये तक वे बातें नहीं जानते, जिन पर छापने इतनी पुस्तकें लिख कर प्रकाशित कर दीं ।” उपस्थित अन्थ केलाजी की उच्चतम रचनाशों में से है ; उपयो- गिता की दृष्टि से भी वर्तमान हिन्दी साहित्य में उच्च स्थान दिये जाने के योग्य है । विद्वान लेखक ने इस ग्रन्थ में राजनीति ओर ाथेशास्र के परिमित चायुमंडल से ऊपर उठकर, समाज के दवित को दृष्टि में रखते हुए, वर्तमान सभ्य ससार की एक 'त्यन्त कठिन और सहदर्व-पूणं समस्या पर प्रकाश डालने का प्रयत्न किया है । इस पुस्तक का विषय झाज कल के कानूनी जुर्म और उन्हे दूर करने का उपाय, है । जो लोग विविध देशों में प्रचलित विविध




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now