इतिहास संग्रह | Itihas Sanghra

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2.22 MB
कुल पष्ठ :
202
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(४ ३को उत्पल बरके उसमें भोगदी इच्छाकी तो दिशिर हुये जय उसके पीछे दौड़
सो भाति चतुरानन भं।र परचानन भी हुये '्स्थीत् जितनीयार
ऊुइ्टि बी उननेंदी शिरवों शिरने झपने ब्मयुप्ठ से बटडाला ( सैरव क० दे० )चाहन-इस सखी नाम-शारदा,गिरा,दियधाजी,साविनी,;घाही'मादिदे-भौर दाइन इनरा इ्सिनी ई जिससे दाद उत्पत्ति दे--नदी ( जिसके यशिष याचनपर उत्पन दिया ) गंगा सदी( भगीरय के माथना से भूतन में थाई »
दशावनी
नारापण दी नाभि से
तरसनागाया [| |] |
सबका. मृशुरीसे नाएइई मगर करयय कामय इडराज६ सुन | ऋषि
ी रद
डी
संदेश लि इस चरवे
User Reviews
No Reviews | Add Yours...