वैदिककाल का इतिहास | Vaidik Kaal Ka Itihas

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
36.22 MB
कुल पष्ठ :
174
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१४ वेदिककाल का इतिहास २ नाभा-परियाला-जींद जीवित न होते तब- सरहन्द बीच मंडे होते मुगलान के । कोलज झकाल चाल ठाल न निरोली होती- पजक होजाते लोग मढ़ी और मसान के ॥। वेद भगवाद ज्ञान यान का न नाम होता- जप द्ोम यज्ञ मिटजाते हिन्दुब्ान के ॥ मलिन मलेच्छ रुप धारी नर नारी होते- जो न तीर छूटते गोषिन्द्सिह ज्वान के ॥ _ चेदिक्षर्म का सेवक देवदत्तशमां काशी हि हगि ८. 1 कि के जल.
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