भारत के तीन राजनीतिज्ञ | Bharat Ke Teen Rajnitigya

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3.65 MB
कुल पष्ठ :
146
श्रेणी :
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यशपाल शर्मा - Yashpal Sharma
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योगेन्द्र शर्मा - Yogendra Sharma
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१५ सेना को रौदना करदिया था । सारा दिन युद्ध होतारहा । श्रन्त मे पर्वतेइवर बुरी तरह के बीच में फंसगए । उनका हाथी मारागया और उन्हें बन्दी बनालियागया । सिकन्दर विजयी होकर श्रपनी छावनी को लौटे । उनका हृदय चन्द्रगुप्त के प्रति श्रद्धा से भराहुत्रा था । वह श्रपने डेरे पर जाने से पहले चन्द्रगुप्त के पास गए 1 चन्द्रगुप्त ने सुस्कराकर कहा हमारी भविष्यवाणी पूर्ण हुई सम्राट मगध का राज्य इस समय भारत का सबसे बडा श्रौर घनादूय राज्य है । तुम्हारे नक्षत्र कहरहे है कि तुम्हे मगघ को विजय करने में सफलता मिलेगी । सिकन्दर श्रद्धापूर्ण वाणी से बोला मै अब सगध को जीतकर ही दमलूंगा महात्सा मैं कल ही मगब की आर कूच करूंगा ।
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