दीघ - निकाय | Deegh Nikay

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
34 MB
कुल पष्ठ :
387
श्रेणी :
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लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
भिक्षु जगदीश काश्यप - Bhikshu Jagdish Kashyap
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राहुल सांकृत्यायन - Rahul Sankrityayan
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)सुत्त ( > सूत्र) विषय-सूची
१-सीलक्खन्घ वग्ग
?-(#) बह्मजाल-सुत्त ?
१-एसाधारण बातें २
(१) आरम्भिक शील थ्
(२) मध्यम दील द-
(३) महाशील ्
२-रअसाधारण बातें ५
( बासठ दाशनिक मत )
(१) आदिके सम्बन्धकी १८ धारणाये ५
१--दाइवतवाद ६
२--नित्यता-अनित्यतावाद ७७
३--सान्त-अनन्तवाद ८
'४--ुअमराविक्षेपवाद ९
५--अकारणवाद १०
(२) अन्तके सम्बन्धकी ४४ धारणायें ११
६--मरणान्तर होशवाला आत्मा ११
७--मरणान्तर बेहोदा आत्मा श्२
८--मरणान्तर न होश न बेहोश आत्मा १२
९--आत्माका उच्छद श्र
१०--इसी जन्ममें निर्वाण श्दे
२-९) सामग्जफल-सुत्त कि उ
१--छे तीर्थकरोंका मत १९
(१) पूर्ण काइयपका मत
( अक्रियवाद ) १९
(२) मकक््खलि गोसालका मत
(देववाद ) २०
(३) अजित केश कम्बलका मत
(जडवाद ) २०
(४) प्रकघ कात्यायनका मत
(अकृततावाद )
(५) निगण्ठ नाथपुत्तका मत
(चातुर्याम संवर )
(६) संजय वेलदट्रिपुत्तकता मत
(अनिद्चितता वाद)
२-भिक्षु होनेका प्रत्यक्ष फल
१--शील
(१) आुरम्भिक छील
(२) मध्यम शील
(३) महाशील
(४) इन्द्रियोंका संयम
(५) स्मृति सम्प्रजन्य
(६) सन्तोष
र-एसमाधि
(१) प्रथम ध्यान
(२) द्वितीय ध्यान
(३) तृतीय ध्यान
(४) चतुथें ध्यान
३--प्रज्ञा
(१) ज्ञान
(२) मनोमय शरीरका निर्माण
(२३) ऋद्धियाँ
(४) दिव्यश्रोत्र
(५) परचित्तज्ञान
(६) पुर्वेजन्मोंका स्मरण
(७) दिव्य चक्षु
(८) दुःख क्षय
र-(२,) अम्बद्-सुत्त
१--अम्बट्टका शाक्यों पर आक्षेप
रश
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र्र्
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रद
२
२६८
२७
२७
२७
२८
२८
रद
२९
२९
३०
३०
३०
३०
देश
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देश
देर
३२
३६
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