एब लिंकन | Eb Linkan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
162
श्रेणी :
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राबर्ट ई. शेरवुड - Rabart E. Shervud
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विष्णु प्रभाकर - Vishnu Prabhakar
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१ १६ )
. * एन --अच्छा मिस्टर कॉगडाल । ( वह जाती है ।
! दम मेज के पास बेठता है । )
टूंम --हां मिस्टर एडवडेस । हमारे इस महान नगर
ं के बारे मे आपकी क्या राय है ?
निनिनन --बहुत अच्छा है मिस्टर कॉगडाल । पहाड़ की चोटी
पर यह बहुत सुन्दर स्थान पर बसा हुगा है ।
ट्म --हम लोग पद्चिम की ओर बढ रहे हैं । और जब
हम अपने मे से कुछ बुरे तत्वों को निकाल बाहर
करेंगे तो और भी बढेंगे । जी हां, हम और भागे
बढेंगे ।
निनियन --निश्चय ही, मुझे विश्वास है ।
(एन शराब गौर चाय लेकर लौट आती है ।)
बोलिंग --धघन्यवाद एन ।
एन --क्या डाक आ गई ?
ट्रम --नही, मैं उसी की राह देख रहा हूँ ।
बोलिंग --तुम्हे तो कोई पत्र पाने की आशा नहीं है एन ?
क्यो, है क्या ”
एन --नही, मुझे कौन पत्र लिखेंगा ।
बोलिग --आज ४ जुलाई को कौन कह सकता है कि क्या
नहोजाए।
(एन हँसती हुई रसोईघर मे चली जाती है ।)
निनियन --यह बहुत सुन्दर लडकी है । आश्चर्य है अभी तक
किसी ने इसके साथ विवाह का प्रस्ताव नहीं
किया ।
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