अमेरिका में श्रम व्यवस्था | America Mein Shram - Vyavastha

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
11 MB
कुल पष्ठ :
248
श्रेणी :
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जेम्स मायर्स - James Myres
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विद्या भास्कर - Vidya Bhaskar
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हैरी डब्ल्यू० लेडलर- Harry W. Laidler
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)अमेरिकी श्रम-सडठन का इतिहास
श्रमिक-सद्ध श्रात्दोलन द्राज अमेरिकी सामाजिक व्यवस्था का एक स्थायी
एव सर्व-स्वीकृत अ्रड्ड बन गया है । दशकों त्क भयानक संघ के पश्चात्
श्रन्त में यह स्थिति आयी हैं कि शत्रु या मित्र सभी यह स्वीकार करने लगे
हूं कि मजदूरा का सच्भदन हमारी आर्थिक, राजनीतिक तथा सामाजिक
व्यवत्था के सभी पहलुश्रों पर गहरा प्रभाव डालता है ।
कहने की श्रावश्यकता नहीं कि पहले ऐसी बात नहीं थी । इस देश
के इतिहास के प्रारम्भिक काल में शायद ही कोई श्रमिक-सद्ध रहा हो । जम-
सख्या का एक भारी श्रश श्रमजीवी, कपकों, कारीगरों, तथा कृपि-गुलामों
का था । नगर में काम करने वाला सामान्य श्रमिक उम्मेदवार के रूप में
काम झारम्भ करता था श्रार ्राशा करता था कि कुछ दी वर्षों के पश्चात्
चद्द स्वय झ्पना मालिक चन जायगा । द्नेक चार तो यह होता था कि चह
जिस मालिक के यहाँ काम करता था, उसी के साथ रहना भी था श्रौर उस
परिवार का ही एक प्राणी समसा जाता था । वर्ग-जागरूकता की भावना
शायद दी किसी श्रमिक के मन में झ्ाती रही हो, शायद ही कोई श्रमिक-सच्च
्रादि के सद्भठन की बात सोचता रहा हो |
झारम्भ में श्रमिक सद्धटनो का विरोध
यदि कोई श्रमिक वेतन में दृद्धि या श्न्य किसी ढद्ध से शपनी स्थिति
सुधारने दे लिये सपने साथियों को सद्ुदित करने वा प्रयत्न करता, तो पग-
पग पर उसे सानूनी शक्ति का विरोध मिलता क्योंफि ऑमेरिकी न्यायशास्त्
सय्ेंनी साम्गन्य फानन के पदयन्त्र वाले सिद्धान्त को, लो मप्य युग से
पेन्स्ति हुश्रा थ, यक्तरश, झपना लिया है |
इस सिद्धान्त में दो बातें थीं । पहली बात यद थी शि अधिकतम वेतन
सनूप वास निर्ारिति लिगा जला समता है । इस प्रकार के वेतन की व्यवरवा
प्रदान करने ले स्थादी एवं लिग्िव जानने दूदीय एुडवई के शासनकाल
का 2
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