आकृति - विज्ञान | Akriti Vigyan

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Akriti Vigyan by दुर्गाप्रसाद खत्री - Durgaprasad Khatri

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about दुर्गाप्रसाद खत्री - Durgaprasad Khatri

Add Infomation AboutDurgaprasad Khatri

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
श्छ आछति-विज्ञान बातें आगे चल कर उनके विभिन्‍न आकृति रखने का कारण बन जाती हैं । (चौड़े सीनें तथा गहरी छाती वाले आदमी का फेफड़ा बड़ा होता है शर वह गहरी सांस ले सकता है, इसी से उसका स्वास्थ्य भ अच्छा होता है श्र वह मजबूत होता है । वह 'घीरे धीरे काम करता है फलत: शान्त रहता है । वायु छाती में ऊपर से जाती है और फेफड़े में पीठ की तरफ से घुसती है, अस्तु छाती बड़ों होने से फेफड़ा बड़ा होता है, फेफड़ा बड़ा होने से स्वास्थ अच्छा रहता हे, स्वास्थ श्रच्छा हो तो शक्ति भी अधिक रहती हैं, और यही सब ऐसे मजुष्य के हिम्मती और बहादुर होने का कारण बनता है । इस संबंध में एक साधारण और याद रखन लायक नियम यह है कि हिम्मत ओर बहादुरो जितनी अधिक होगो, सांस उतनी हो कमती देर पर. ओर गहरों ली जायगी । इसका उलटा जितनी जल्दी जल्दी और छोटी छोटो सांस ली जायंगी हिस्मत बहादुरो ओर ताकत उतनों हो कम होगो। बहादुर आदमी कोई हिम्मत का *काम करने उठेगा तो गदरी और लंबी सांस भर के उठेगा, इसके विपरीत डरपोक आदमी अगर वैसा ही कोई काम करने उठेगा तो जल्दी जल्दी सांग लेकर अपने में हिम्मत भरने को कोशिश करेगा । इसका एक कारण यह भी है कि डर जल्दी जद्दी सांस लेने पर मजबूर करता हे। इसी लिये दिस्मती भादुमी का सीना चौड़ा होता हैं, डरपोक का




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now