भिक्षु न्याय कर्णिका | Bhikshu Nyaaya Karnika
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
485 KB
कुल पष्ठ :
70
श्रेणी :
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आचार्य तुलसी - Acharya Tulsi
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छगनलाल शास्त्री - Chaganlal Shastri
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भाम्
श्री मिज्नुयायकणिका
आओ स्यद्वादोपदिप्टार॑ सींग दिशरात्मजमु।
मवत्यामिनस्य बुर्देह श्री निधुन्यादर दिशमु ॥
प्रथमो विभाग
युर्यार्थप्रीवण न्याय ॥ ११
मायमापनपोरिरोधा सुर, सर्पप्रीक्षपोपायो था । सीने
श्रा्यति्पर्सिदिंन से स्दाय ।
प्रमात, प्रमेय, प्रमिति', प्रमाता घेति घतुर््ध ॥२॥
प्रमाघम्--सापनम, प्रमयमू-नवरतु परमितिन-पलम, प्रमाता
परोगक,
अयसिद्धयं सदपति 1 ३॥
सस्ते प्राइम , इटाबाधि, साइशकिरयेंलि प्रिशिपाइसिदि |
सत्र “यापस्व म्रातें' साशाजिमित माइशमिरेव ।
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