हिंदी मेघदूत विमर्श | Hindi Megdut Vimosh

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Hindi Megdut Vimosh by कन्हैयालाल पोद्दार - Kanhaiyalal Poddar

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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€नु्खीामक रा): द् शचिका, न द सा पन 0 सका मेघदूत के परिचय के लिये अधिक उठलेस ध्नावश्यक ह ही है! यह-काव्य साहित्य संसार में श्ायाल ७ सूद्ध प्रसिद्ध है । इसका शोर इस के रखता महाकथि कालिदास का नाम शायददी किसीने मे सुना हागा । तथापि बहुत से लाग इसको कंबल सज्ार- रसारमक्त काव्य समसभत है । किस्तु यह उनका सम है, कमा इसका कंबल न्उज्ार-रखस की कर्पित शाख्या विका-प्रेस कहानी - समझना, इसमें वणन किय हुए भावों पर वियार न करन वी न भिक्षता साय है । तप यह स्प करने दो लिये कि, ही सेघदूत में कया बस्तु बशित, हे ? झौर यह किस उच्च-थं णी का पंथ हू ? इस विषय में कुछ उदलब किया जाता है | यह-मंघ्दतनथाउँं में पधिक अध -बाधक, स््रि-सोत्दय के साथ न्उज्ामनरस सिश्रित, हदयडूम चयन माला शिक्षा -गधशित कॉब्य-रल हैं । इसमें असेक पचत, नदी, देश शोर स्थानों के चरान से प्रकनति के झपूच- सौन्दर्य का मनाहर चित्र झाड्ित सीथे शोर परचित्र रथतां का माइहास्स्य ज्णन है, यदे-कानता की चियाग-दशा को ब्याज ( बहाने ) से परत सत्य-घर्म सूघन हैं। इसमें उच्च माचना-मय म्दज्ञार रख की याजना झचेड्य की




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