विश्व इतिहास की झलक | Vishwa Itihas Ki Jhalak
श्रेणी : इतिहास / History, विश्व / World
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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
36 MB
कुल पष्ठ :
494
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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डर
दे
पश्चिसी एशिया के साम्राज्य रथ
का
सस
समीप पिंडारी का - हिमानी है; जहाँ अलमोड़े से जाने सें लगभग एक सप्ताह संगता है ।
जब में छोटा-जितनी तुम हो, उससे भी छोटा--था त्तव मैं एक वार वहाँ गया था । आज
भी मुक्े उसकी अच्छी तरह से याद चनी है ।
इतिहास और भूतकाल को छोड़कर; मैं हिंमानी और पिंडारी की छोर वह गया । सस-
मोदक खाने का यद्दी परिणाम होता है । मैं यथासंभव छुमसे ऐसे ढंग से वातें करना चाहता
हूँ, सानो; तुम यहाँ पर मी जूद हो । यदि में इस तरह से वातें करूँगा तो निश्चित रूप से हमें
कभी -केसी हिंमानी ओर ऐसी दूसरी जगहों की सैर के लिए जाना पड़ेगा । ः
हिम-युग के प्रसंग से हिमानी की वात उठ. खड़ी हुई थी । हम यह कह सकते हैं कि
हिमानी मध्य योरप और इंग्लैंड तक झा गए थे; क्योंकि उनके विचित्र चिह अब तक उन
देशों में हमें मिलते हैं । वे पुरानी चट्टानों पर अंकित हैं । इससे यह -अनुमान होता है कि
उस युग में सारे मध्य और उत्तरीय योरप में वेहद ठंड रही होगी । कालांतर में वे स्थान ज्यादा
गर्म हो गए; और हिंमानी धीरे-घीरे खिसकने लगे । भूगभं-शास्त्र के ज्ञाता; वे लोग जा प्थ्वी के
इतिहास का अनुशीलन करते हैं; हमें बताते हैं कि शीत के बाद उप्णता हुई । उस समय,
आजकल को देखते हुए+-योरप और भी अधिक गर्म था । इसी गर्मी के कारण; योरप .में सब
जगह घने जंगल-हो गाए । डर पहुँचे बन
आर्य लोग घूमते-घामते मध्य-योरप भी जा पहुँचे । इस युग में वहाँ उन्होंने कोई
उल्लेखनीय काम चहीं किया । अतएब, कुछ समय के लिए हम उनंकी उपेक्षा कर सकते हैं ।
शप्रीस और भूमध्यसागर के सभ्य निवासियों की दृष्टि में संभवत: सध्य और उत्तरीय - योरप
के_'लोग _ बबेर--थे-1-लेकिन-ये-वर्मर जातियाँ अपने जंगलों और आमों में स्वस्थ 'और
थोद्धाओं का-सा जीवन व्यतीत करती श्औौर अपने को उस दिंनें के लिए छज्ञातरूपं से
तैयार कर रही थीं; जथ वे वाज़ की त्तरदद दक्षिण के सुसभ्य निवासियों पर टूट कर इनकी
शासन-प्रणालियों को उलट देंगी । लेकिन ये वातें बहुत वाद में हुई । उनके संवंध में पदले
से' लिखने की कुछ आवश्यकता नहीं । हक
यदि हमें उत्तरीय योरप के विषय में छुछ नहीं के वरावर मालूम है तो बड़े-बड़े महांद्वीपों
ब्औौर विस्टत भू-भागों की वावत तो हमें विलकुल ही कुछ ज्ञान नहीं है। कहा जाता है; कोलं-
चस ते अमेरिका को ढँढ निकाला; लेकिन इसका यह अथे नहीं है--जैसा अब हमें पता लगता
जा रहा हे--कि वहाँ कोलंवस से पहले लोग _ रहते ही न थे । लेकिन, कारण कुछ भी दो;
हम जिस युग का जिक्र कर रहे हैं, उस युग के असेरिका का हमें कुछ शान नहीं है । इसी
तरह से अफ़का महाद्वीप के सम्बन्ध में भी हमें कुछ नहीं सालम । हाँ, इस कथन से
मिस्र और भूमध्यसागर के तटों को निकाल देना चाहिए । इस जमाने में शायद मिस्र की वैभव-
शालिनी और पुरातन सभ्यता अधोगति को पहुँच चुको थी । लेकिन फिर भी वह उन
दिनों में एक बहुत समुन्नत देश था । . हर
__ छव हमें देखना है कि एशिया में उन _ दिनों कया हो रहा था ? यहाँ पर; जैसा तुम जानती
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