ज्योतिर्विनोद | Jyotirvinod

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Jyotirvinod by डॉ सम्पूर्णानन्द - Dr Smpurnanand

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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डिए गए हैं क्योंकि इनमें से एक से दूसरे में जाने में सूथ्य की चराबर समय उगता दे। यद्द समय एक मास के छग भग द्योता है । इन मुख्य तारासमूहों को राशि फदते हूं और राशियों के समूद को राशिचक कददते हैं। इन राशियों के लाम ये हैं-7 भेप 65 सिंद॒ 1.60 घन ऊट्टांघकशी एव चूपभ ''धपत्पड | कन्या. ए्एुए मिथुन (6०७10 | तुढा जएर& कुंब 5.चृपहा पड करके. (सएल्‍्णा वृद्धिक 8०्णफां० | मीन ए15525. इचना स्मरण रखना 'चादिए कि चैत्र के सद्दीने में सूरय्म मकर (8०011 ए8




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