पालि व्याकरण | Pali Vyakaran

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
196
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(९करसभी काल में धातु के रूप परस्सपद् और अत्तनोपद दो प्रकार
के दोते हैं, किन्ठु व्यवहार में अत्तनोपद के रूप बहुत कम देखे जाते हैं |
परस्सपद का ही प्रयोग बहुघा होता है ।पठम पुरिस
मज्झिम पुरिस
उत्तम पुरिसपठति
पठसि
पठामिहीपुवत्तमान काल
'पठ' घातु
परस्सपद
एकवचन चहुवचन
पठति परन्ति
पठसि पठथ
पठामि पठाम
जथे
पढता है | पठन्ति ० पढ़ते है ।
पढते हो । पठथ >> पढते हो ।
पढता हूँ । पठाम न. पढ़ते हैं!नीचे दिए हुए धातुओं के रूप भी 'पठ घाठु के समान ही होंगे ! ये
धघातुएँ भ्वादि गण के हैं :--घाततु
श्र
ह्स
स्क्ख
चद्
पच
नम
गमअथंहोनाहँसनारक्षा करना
बोलनापकाना
नमस्कार करना
जानापठम पुरिस में प्रयोग
भवत्ति, भवन्तिदसति, दसम्तिरकक््खति, रक्खन्ति
वदति, चदन्तिपचति, पचन्तिनमति, नमन्तिगच्छति, गच्छन्ति
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