समीक्षा शास्त्र | Samiksha Shastra
श्रेणी : साहित्य / Literature

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Add Infomation About. Pt. Sitaram Chaturvedi
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
247 MB
कुल पष्ठ :
1337
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)अध्यायश्दरिएन्स ) : झलौकिक ( सुपरनेचुरल ) : शान्वविश्वास
(सुपरस्टिशन) : मनोवैज्ञानिकॉंका सत : अ्रचेतन (झन्कोन्शस) |
मनोविश्लेषण ( साइको-ऐनेलिसिस ) : फ्रौोयडफा मत :
ऐडलरका सिद्धान्त : यूज़्का मत : स्वप्न (ड्रीम ) : बाह्य
शूज्जुला (श्रौग्जेक्टिव कौरिलेटिव) : वातावरण (एन्वायरनमेन्ट
या मील्यू ) : नारी : मानसिक विकार ( डीजेनेरेशन )काव्यके दो रूप होते हैं--झ्नायास श्रोर सायास : प्रतिभा :
वामनका सिद्धान्त । मइ-सोपालकी परिभाषा : राजशेखरका
मत : प्रतिभा; शाख््रश्ान और अभ्यास : अवधघानका महत्त्व :
शक्ति : व्युत्पत्तिसे श्रेष्ठ प्रतिभा : व्युत्पत्तिकी श्रेष्ठता :
प्रतिभा : दो प्रकारके कविं : काव्य-संस्कार : समाधि :
अभ्यास श्र समाधि : कारयित्री प्रतिभा : मावयित्री
प्रतिभा : कवि श्र भावक : व्युत्पत्तिका विवेचन : बाह्य
प्रेरणा : शक्ति, निपुणुता श्रौर श्रम्यास' : प्रतिभाका
दार्शनिक रूप 2 साहित्यकी प्रेरणा -शक्तियोंकां विश्लेषण :
स्वाधिष्टित अनुकरण ४ प्रतिक्रिया ४ सात्विक प्रेरणा-शक्ति :
प्रेरणा-शर्क्ति और रचना-शक्ति : पर-प्रेरित प्रेरेणा-शक्ति :
विशेष्नॉर्थ-प्रेरित प्रेरणा-शक्ति 2 प्रेरणा-शक्ति शोर कल्पना ।११. साित्यके विषय आर प्रयोजनमानव-जगत् : मानव-प्रकृति : श्ररस्तूका मत ४ उच्च
आर अपराधी प्रकृति : नीति और नीति 2 कुल-परम्पराऔर सज्ञतिका संस्कार : झभ्यास, आचरण श्रोर इच्छा- ,शक्ति : स्थिर चित्तवाले श्रौर अस्थिर चित्तवाले : कल्पनाशील
आर संस्कारशील : नाव्यशास््र और माव-प्रकाशन १ सब
मतोंकी चुटियाँ : पुरुष श्रौर ख्री. : पुरुष-श्रेणी-विमाजन :
स्ियोंके भेद : मंतुष्य, पशु-पन्नी तथा लड़ पदार्थ $ जड़पदार्थ भी पात्र हैं ४ नियमका झपवाद 2 जड़ पाचन 2 सामव- .चरित्र $ तीन प्रकारके मानव १ चार रज्ञके सानव £: शरीर
भेदसे चार प्रकारके मानव £ तीन प्रकारकी झ.कुनियाँ : सरोग
और नीरोग £ स्वमावपर सड्तिका प्रभाव : प्राक्तन जन्म-संस्कार : अच्छे और बुरे स्वभाव : स्वमावपर अवस्थाका. .प्रभाव : पुरुष श्रौर स्त्रीकी प्रकृतिमें भेद : मानवकी तीनखुएए१६.
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