पुराण - विषयानुक्रमणी राजनीतिक भाग - 1 | Puran - Vishayanukramani Rajneetik Bhag - 1

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Puran - Vishayanukramani Rajneetik Bhag - 1  by डॉ.राजबली पाण्डेय -dr.rajbali pandey

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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है दूधीच सारस्थत पुस्कुर्स १०. नमेंदा २१ घृतराष्ट्र ९३ चासुकि ९४ यत्स १५ झरवतर १६ कम्बल १७. एलापत्र १८ वेद्शिरा १६. अ्रमति जातुकण २१. बशिप्ठ रु पशर २३ मेत्रेय २४ शमीक हू ह९ ३ पर म्दू र् रद र् घुयाणद्वार के पश्चानु संदिठाकार पुराणों का परिवद्धन पुरणसंदिता में कई पुराणों का सार ठया सभी अतिरिक्त सामग्री श्वन्तमुक्त द्ोती थी। घूमें- पुराण ( प्र० श्व० ) के 'नुसार चार संदिताएँ थीं : जाझी मागवती दीयी वैप्णयी च प्रद्र्तिताः । श्वतस्र संदिठा: पुण्या धर्मंकामार्यमोश्नदाः स््त्यु इन्द्र वशिष्ठ सारस्वत च्रिघामा शरद्धान च्रिविष्ट शन्तरिश्ष श्रय्यासुण घन्य कृतज्ञय छूणुज्य भरदान गौतम निर्यान्तर चाजश्रव सोम झुप्म्य च्रूणविन्डु द्क्ष (श्र) शक्ति पराशर जाएुक्णों दैपायन रोमदपेण रोमदपंणुपुत्र श्ीर सम्पादन करते थे । एक




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