तीर्थंकर महावीर : भाग 2 | Tirthkar Mahaveer : Part- Ii

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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( १४ )सुरादेव धदर चुल्ठशतक दी कुण्डकोलिक ६ प्ृथ्वीशिलापटक ४८सद्दालपुत्र हजस्नानोत्तर क्रियाएँ ४०२, भगवान, के पास जाना ४७६ सहालपुत्र को प्रतिबोश्र ४७४, महादतकथेनंदिनीपिता द८दसालिही पिया ८९मुख्य श्रावकों का संक्षिप्त परिचय ९०धावक-श्राचिका ९३ श्रस्निमित्रा ४९३, अस्वड ४६३, झभीति ४६३,श्विनी ४६३, आनन्द ४९३, श्ानन्द ४६४, ऋषिभद्रपुच ४६३, उत्पला ४४३, कामदेव ४६४, कुडकोलिक ४१४, चुलणीपिया ४९४, चुन्शतक ४९४, घन्या ४१४, नंदमणिकार ४६४, नंदिनीपिया ४१८, पालिय ४१८, पुप्कली ४ ६स, पुप्या ४६८, फाल्गुनी ४६४, बहुल, ४४९४, चहुला ४४ 8, भद्ठा ४९६, मदूदुक ४४४, महाशतक ४६४, रेवती ४६६, रेश्रती ४३४, लेप ४४४, विजय ४९४, शंख ४१४, शिवानन्दा ०१४, स्यामा ५०१, सद्दालपुत्र ४०१, सालिहीपिया ३०५, सुदं सण ९१, सुनन्द २०१, सुरादेव 2०१, सुलसा १०५ ] मगवान्‌ महावीर के भक्त राजे सदोगराद ड्न्दै प्रतिहत ०




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