हिन्दी के स्वीकृत शोधप्रबन्ध | Hindi Ke Sweekrit Sodh Prabandh

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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न डे ल 1 # र,न्वते > ~, वि ९ । ॐहि ॐ >> हर == ज ब) क पक$ ननंवपह ऊ२११. २१२९.२१३. २१५. २१५. २१६.क्षोधश्रयन्ध. भारतीय प्रयमावधा-परिदार कमै मम्यपवनिसी बोलियाों :छत्तोसगढ़ी , हनबी , भवरी, प्रेमचन्द ; एक प्रप्ययन जीवन, चिस्तस श्रौर्‌ कनासमस्यामुलक उपनपासकार प्रेमचर्दहिन्दी -काव्य में कल्पना -बि धाननिमाड़ी प्रौर उसका लोकसा हिएयफेशबदास ---उनके रीतिकाव्य का बिशेस झष्ययन. अवध के प्रमुख हिन्दी-कबियों ता झापध्ययन(१७०७-१६०० प्रि)सूरदास की भाषामयिलौके कृष्णभम्त फकवियोक प्रःययन भारतेन्दरयुमीन कविहिग्दी भाषा श्र साहित्य के प्रति मार्पनमाज की देन. हिन्दी-महाकान्यो मे नायकतुलसीदास --जीपनी घ्ौर विचारधाराद्िन्दी-एकांकी : उद्भव श्रीर्‌ विकासजयशंकर प्रसाद के ऐतिहासिक नाटकमधिलीक्षरण गुप्त : कवि श्रौर भारतीय मंस्कृति के प्रास्याता. झाचायं शुक्ल के समीक्षा-सिद्धानत . गुप्तेजी का काव्य-विकाशभारतेन्दु-युग के नाटककार१०. इब्राहीम श्रादिलधाहकालीन दक्खिनी हिन्दी में दुकराहीम-नामा' की भाषा और साहित्य की पालोचनात्मक व्यास्या हिन्दी में प्रयुक्त संस्कृत-शब्दों का म्र्वज्ञानिक सझध्ययन हिन्दी ग्रौर मराठी का निर्मुण संतकाव्य (११वीं से १५वीं शती' ) : तुलनात्मक अध्ययनरामभक्ति में रसिक-सम्प्रदायपाचाय रामचन्द्र शुवल--एक प्रध्ययगहिग्दी के घाधुनिक महाकाब्यझाधुनिक सामाजिक भान्दोलन एवं ग्राभुनिक साहित्य[ १९००.५० ई० |पष्ठ संशया




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