नई तालीम | Nayi Talim
श्रेणी : इतिहास / History

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
11 MB
कुल पष्ठ :
415
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१४नथी तालीमराष्ट्र को असके लि अनुकूल बनाना होगा ।
मेने जो. ब्रहमाविदया की वात कही अुसका कोओी
कार्यक्रम नहीं बन सकता है, परन्तु हम मुस
पर सोचें और सोचने पर हमें कुछ न कुछ
सुझेगा ।
देश में जो तालीम के जानकार ह भूनके
पास मानस-शास्त्र समाज-शास्त्र, का ज्ञान है ।
तालीम का सम्वस्थ वे समाज-शास्त्र भर आर्थिक
ढाचे के साथ जोडते है । जिसलिअ हम अपनी
परिभाषा को बदले और आज के समाज के
लिओ अच्छी तालीम होनी चाहिये, जिसके
भूसूख पेश करे । हमने अवतक काफी प्रयोग
किये और दिशा बतायी ! भिसकतिभ अब प्रयोग
करने हो तो वे ही करे लेकिन हम तालीम के
मूलभूत विचार लोगो के सामने रखते जाय ।
मने रह् सोचा दै कि खासकर जहा-जहा तालीम के
मरकज हो वहा मे लोगो के सामने तालीम के
दर्शन रखूं । आज देश को जिन चीजों की
आवश्यकता हूँ और ह्मे देश को भिस दिशा
मे ले जाना होगा । फिर पार्य पुस्तक आदि
की याते वे तय करे । लेकिन कुछ बुनियादी
बाते हम बतायें । हमने बुनियादी ताठीम
का भक ढाचा बनाया है। वह आज जो
चलता हैं भुंससे कमजोर ह या अच्छा यह्
अलग बात है, परन्तु वह् भक ढाचा है।
तालीम को हम ढाचे से वाहुर निकाले और मूल
विचार छोगों के सामने रख दें ।
भिस तरह हमने तोन वातं करने का सोचा
है, ग्रामदातों गांवों में प्रयोग, शाति-सेना औरअपनी सब संस्थाओं को नभी तालीम का रुप
देना! हम यितना करेंगे तो सरकार को भी
आकर्षण होगा । आज हम श्राति सेना का कुछ
रूप दिखाते हैं, ग्रामदानी गांव में शुत्ादन
बढ़ाते है , शहरों, की तरफ जाने बाली रोगों
की वाढ को रोकते है, गांव की अच्छाजिया
बढ़ाते है, बुराजिया रोकते है तो जिन सब का
असर सरकार पर होगा । आज हमारे थो
रचनात्मक काम चल रहे ह वे ज्यादा दिन तक
नही चलने वकते ह । सरकार की मदद आगे
नही मिलनेवारी है । अिसलिओ अनका रूपान्तर
करफे हम दूसरा रूप खडा करे तो सरकार पर
भुसका असर होगा । आज सरकार को वेकारों
को काम देने की जिम्मेवारी अुठानी होगी,
नही तो अुन्हें खिलाना होगा । जब सरकार
वहूं जिम्मेदारी अुठाने का तय करेगी तब आपके
ग्ामस्वराज्य का भुसे आकपण नहीं तो भी
मजबूर होकर भरेक अवशिष्ठ (709वृप्रभफ) के
तौर पर जनता को काम देने के लिओे बह
आपकी कुछ चीजे ववृक करेगी ! वैते जन-
सख्या वढ रही ह तौ आपका दद्दर सेक्टर कम
नहीं होनेवाला है। जिसलिअे आप खादी के
जरिये कुछ करके दिखाते है, ग्राम सकल्प और
ग्राम-स्वावलम्बन के आधार पर कुछ गाव में
चरखे चलाते हे तो वह भी आकप्षण होगां ।
मुसके साथ-साथ अच्छी तालीम कया है, जिसकी
जानकारी भौ हम दंते जाय, बैक भावात्मक
पहलू (२081619९ ४5९४) सामने रखते जाय
तो ठीक होगा ।
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