कुन्दकुन्द वाणी | kund Kund Vani

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
11 MB
कुल पष्ठ :
223
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)लिन वन्दना~ कन्दे कुमार जैन, नकलपुर
गीतकार एवं गायकफिल्म - हम आपके हैं कौन'
4 {~ तर्ज - दीदी तेरा देवर दीवाना
विमल सागर का जय. दीवाना
सहावीर स्रा मैने दमक माना
झुकता टै चरणो मे जमाना
दर्शन पा जीवने कना दुहाना
छ0 06९6
चमत्कारी बाबा सूरज से. चमकते
हे लाखों के प्यारे तीर्थंकर से लगते
ज्ञान का... सेनें.. पाया... खज़ाना
सहावीर सा सैनें तुमको... साना
विम्ल सागर का जग दीवाना.......
06७६
जगत संकटो को सदा आप ठरते
तथा शान्ति संतोष सुख पर्ण करते
हर आहट पे दखको ही ध्याना
सहावीर सा मैने तुमको माना
कविमिल सागर का जगा दीवाना...
६६९४
तेरा दरा फके सभी तीर्थ पाये
खटा द्ट्ा रे्छी श्राथे ये. लगाये
चरणों का गन्वोदवक लयाना
महाकीर सखा मैने वुखको माना
विमल सायर का जग दीवाना.......
@® 9 @
नमन तुमको करती है. चारों विशाएं
तेरे भक्त करते हे पावन समां
करूणा मर्ध रलाकर करो ध्याना
दर्शन पा जीवन कना सुहाना
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