प्राथमिक सहायता | Prathamik Sahayata

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Book Image : प्राथमिक सहायता  - Prathamik  Sahayata
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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के स्य में बाहर भाति हैं । इनमें गुर्दे, चमें, मूझाशय प्रीर मलाणप ध्रादि घामित हैं 1 ह न इन घ्रगों दा स्पान जानने के लिए चित्र सं० 1 देखिये 1 (प) मुस्य घमनियां एवं दवाव-बिस्दु या स्यान 'दवाव स्पान'--वहद है जह्दी एक धमनी को उसके हचे पड़ो हुदूडो के ऊपर दबाया जा सकता है, ताकि उसे पान से रवत धागे न जा सके ।धघमनियां--मुख्य रक्त से जाने वाली नसें हैं। चित्र व. (2) में धमनियों का जाल दिघाया गया है भौर पलाकार में दवाव स्थान दिसाये गये है ।रवतस्राद या बहते यून को यन्द करनारक्तस्राव दो प्रकार का होता है :--(प्र) भीतरी रक्‍्तस्राव होने पर नाक, मुह या कान से रवत भ्राता दै । ऐसे समय तुरन्त डाशटरी सहायता प्राप्त कीजिये प्रौर रक्तस्राव के स्थान पर ठण्डे पानी को गद्दी या बर्फ रखिये |(व) बाहरी रक्तस्राव तीन तरह का होता है--() घमनी से--जब तेज लाल रंग का रक्त हृदय की ध्रोर से तेजो के साथ फब्दाये की तरह निकलता है 1(7) शिरा से--जब गहरे लाल (नीलापन या बेंगनी ) रंग का रश्त हृदय की विपरीत दिशा से धार के रूप में निकलता है । इसमें घमनों के रवत की तरह तेजी नहीं होती । “की,(सा) केशिकानों से--जव साधारण लाल रंग का- रक्त चारों भोर से रिस-रिस कर बहता है। +. .. >11




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