अंदमान की गूँज | Andaman Ki Goonj

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Andaman Ki Goonj by श्री सिद्धनाथ माधव लोढ़ - Shri Siddhanath Madhav Lodh

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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पष्य पच ड दिए, मा ! त्से † हम.र अनत सुकेमल फूसोक मारा बनाओ / नव-मान्ाक पुष्य दोनेदन) नवराचिके समराप्र दयोनेय, विज्ञव-छ्श्ी. कुडेवी पुण्यमदी काली प्रकट होगी ! मेरी मादन ! येरी तू घीरजको सूर्नि हु नृष्टन्लेह प्रतिज्ञा कर उरी दै ि रामसवा-म्रवकों पूछ करूंगी । सइ़ान काय का वोड़ा उठाया ए, अब नहानन धारण करनी था हुए । ऐसा कप्स ; जो संडे पस्‌ आये} सादज ! ऐसा कार्य हेव र त्‌ ज उदयम, मथा आानदादछ अर्त




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