ललितपुर जिले का सामाजिक - आर्थिक इतिहास | Lalitpur Jile Ka Samajik Aarthik Itihas
श्रेणी : इतिहास / History

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Add Infomation AboutMahendra Mohan Awasthi
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
287.7 MB
कुल पष्ठ :
297
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)गम “ललिता”ललितपुर” नाम का सर्वप्रथम उल्लेख ”आइने अकबर *
प्राप्त होता है । अबुन फजल ने यूबा पप्रातिप्ठ मालवा में तीन सरकारों
का वर्णन किया है जिनके नाम हैं, चन्देरी, गरहा एवं रायवेन । परगना
ललितपुर, चन्देरी सरकार में आता था । थनवारा एवं ललितपुर परगनों
का क्षेत्र्ल 10977 बीघा था । इन परगनों से 6,19,997 दाम राजस्व
पुाप्त ढोता था । यहाँ पर मुगलों की फ चौकी भी थी । इस चौकी
में 200 पैदल सैनिननक तथा 80 घुड़्सवार की एक टूकड़ी रहती थी । इसी...तरद रोधई |दुर्धाई| परगने का क्षेनन्ल 3,652 बताया है जिससे 20600... डर दी
दाम का राजस्व प्राप्त होता था । यहाँ पर मुगलों की फ चौकी थी... .जहाँ पर राजपूत और गौड़ों की एक टुकड़ी 20 घुड़सवार, 700 पैदल.सीनिक रहते थे 1% चांदपुर और देवगढ़ गरहा सरकार के परणने थे जिनसे...लगन 9,00,000 दाम का राजस्व प्राप्त होता था । यहाँ पर भी एक_|- झाँसी गजेटियर 1965, ईशाबसत जीशी, पेज-
| अबुले फजल, द्ाल० एच0 एस0 जेनेट और सर रकझ आअ्छ पर
पेज 210 ,211 ,212,215*.
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