बौद्ध - कालीन भारत | bauddha Kalin Bharat

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
11 MB
कुल पष्ठ :
418
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( ५ 9)
अधिवेदन के लिये कम से कम उपस्थिति या कोरम--गण-पूरक या
हिप) पृष्ठ १९० से २०७
ग्यारहर्बो अध्याय
प्राचीन बौद्ध काल की सामाजिक अवस्था
चार चर्ण--उँच नीच का भाव- समान वण मे विवाह सम्बन्ध--
क्षत्रियों की प्रधानता--क्षत्रिय--श्राह्मण--वैर्य--झाद्--मेगास्थिनीज़ के
अनुसार सामाजिक दशा--त्राह्मण अर्थो के अनुसार सामाजिक दशा!पृष्ठ २०८ से २२९बारहवा अध्यायप्राचीन बौद्ध शाल ढो खांपलिक अवस्थाआमो की सांपत्तिक भवस्था-नगरों की सांपत्तिक अवस्था व्यापार
ओर वाणिज्य ~-ग्यापारिक मागं~-खमुदरी व्यापार--व्यापारियों में
सहयोग । पृष्ठ ररर से २४२तेरहवाँ झाध्यायप्राचीन बौद्ध काल का खाहित्यभाषा और भक्षर--प्राचीन बौद्ध काल का पाली साहित्य
सुत्त-पिटक--पिनय पिटक--अमिधम्म पिटक --भराचीन बौद्ध काल का
संस्कृत साहित्य । पृष्ठ ९४३ से २५३चौदहवां अध्यायप्राचोन बोद्ध काल की शिस्प-कलाचतुदेश शिलालेख--दो कलिंग रिलालख--लघु सिल्व- माघ
किलरेख--सप्त स्तमरेख--रचघ स्तरभटेख -~-दो तरां स्तंमलख-- तीन
गृहालेख । पृष्ठ रा ४ से २६८
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